Guru Stotram Shloka

गुरू ब्रह्मा गुरूविष्णु गुरूदेवो महेश्वरा:।
गुरू साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरूवे नमः ।।
गुरू ही ब्रह्मा है, गुरू ही विष्णु है, गुरु ही शंकर है गुरु ही साक्षात् परब्रह्म है; ऐसे सदगुरू को मेरा कोटि-कोटि नमन।
Prostrations to the Teacher who is Brahma,
Vishnu and Mahesh. He alone is the supreme Reality
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Dev Stuti – देव स्तुति
त्वमेव माता च पिता तमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विधा, द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्व मम देव देव।।
हे ईश्वर ! तुम ही मेरी माता हो, तुम ही मेरे पिता हो, तुम ही हमारे बंधु व सखा हो।
तुम ही हमारी विधा हो और तुम ही हमारे धन हो। हे देवों के देव तुम ही हमारे सब कुछ हो।।
You alone are my mother, father, brother and companion
you alone are knowledge and Prosperity,
O Lord, you mean everything to me.

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