

Dr. A.P.J. Abdul Kalam – आज वही कल है जिस कल का इंतज़ार आपको कल था।

जहाँ तक रास्ता दिख रहा है वहां तक चलिए आगे का रास्ता वहां पहुँचने के बाद दिखने लगेगा।

किसी को हरा देना बेहद आसान है लेकिन किसी को जितना बेहद मुश्किल

महान शिक्षक ज्ञान, जूनून और करूणा से निर्मित होते हैं।

पहचान से मिला काम थोड़े समय तक टिकता है लेकिन काम से मिली पहचान उम्र भर रहती है।

गलती भूल जायो मगर उस गलती से सीखा हुआ सबक हमेशा याद रखो।


लोग आपकी बातों का यक़ीन तब तक नहीं करेंगे जब तक आपके RESULT उन्हें हिला नहीं देते।

क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं चाहिए,
मगर क्रोध आने पर चुप रहने के लिए बहुत ताकत चाहिए।

हर सुबह 5 बातें अपने आप से बोलो –
१. मैं सबसे अच्छा हूँ।
२. मैं ये कर सकता हूँ।
३. भगवान मेरे साथ है।
४. मैं एक विजेता हूँ।
५. आज का दिन मेरा दिन है।

सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो।

इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।

खुश रहने का बस एक ही मंत्र है उम्मीद केवल खुद से रखो किसी और इंसान से नहीं।

जिस दिन हमारे सिग्नेचर ऑटोग्राफ में बदल जायें , उस दिन आप मान लीजिये आप क़ामयाब हो गए।

इससे पहले की सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे।

यह मत सोचो की मुझसे नहीं हो पायेगा। बल्कि ये सोचो की मेरे आलावा कर कौन पायेगा।

“ यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा ”- Dr. A.P.J. Abdul Kalam

शिख़र तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।

मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता! मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था।

हम क्या यह नहीं जानते कि आत्म-सम्मान आत्म-निर्भरता के साथ आता है?

सफलता की कहानियां मत पढ़ो उससे आपको केवल सन्देश मिलेगा।
असफतलता की कहानियां पढ़ो इससे आपको सफल होने के विचार मिलेंगे।

किसी की बुराई करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है।
जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोड़कर केवल जख़्म पर ही बैठती है।

एक अच्छी पुस्तक हज़ार दोस्तों के बराबर होती है
जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाइब्रेरी के बराबर होता है।

देश के सबसे बहतरीन दिमाग अक्सर क्लास की सबसे आखिरी बेंच पर मिलते हैं।

आपको अपने काम से प्यार करना चाहिए कंपनी से नहीं क्योंकि आप
ये नहीं जानते की कंपनी कब आपको प्यार करना बंद कर दे।

आपको पहली जीत के बाद आराम नहीं करना चाहिए , अगर आप दूसरे प्रयास में
असफल होते हो तो आप लोगों को यह कहने का मौका देंगे की पहली जीत किस्मत में थी।

अगर आप अच्छा सोचना चाहते हैं तो सबसे पहले किसी का बुरा सोचना बंद कर दें।

