lithium-ion बैटरी क्या होती है – लिथियम-आयन बैटरी एक प्रकार की रिचार्जेबल बैटरी होती है। जिसमें नेगेटिव (एनोड) और पॉजिटिव (कैथोड) इलेक्ट्रोड के बीच गतिमान लिथियम आयनों द्वारा चार्ज और डिस्चार्ज किया जा सकता है । बार-बार चार्ज और डिस्चार्ज की जा सकने वाली बैटरी को सेकेंडरी बैटरी कहा जाता है, जबकि डिस्पोजेबल बैटरी को प्राइमरी (PRIMARY) बैटरी कहा जाता है।)

lithium-ion diagram
लिथियम-आयन बैटरी उच्च क्षमता वाली बिजली के भंडारण (STORE) के लिए उपयुक्त हैं, लिथियम-आयन बैटरी बहुत ही हल्की होती हैं आमतौर पर इसका उपयोग उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कि स्मार्टफोन ,लेपटॉप, पीसी, औद्योगिक रोबोट, उत्पादन उपकरण और ऑटोमोबाइल सहित कई तरह की चीज़ों में किया जाता है।
लिथियम-आयन बैटरी की सबसे बड़ी खासियत है की इसमें ऊर्जा को बड़ी मात्रा में स्टोर किया जा सकता है इन बैट्रियों की इसी क्षमता ने भविष्य में जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) की आवश्यकता ख़त्म कर दिया है।
लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ कितनी है
लिथियम -आयन बैटरी की लाइफ इसकी चार्ज साइकिल और जीवनकाल पर निर्भर करती है बैटरी को 600 से 800 बार चार्ज किया जा सकता है और बैटरी की लाइफ की बात करें तो लगभग 2 से 3 साल इसमें जो भी पहले हो। इन बैटरियों को लम्बे समय के लिए अन-उपयोग के लिए नहीं रखा जा सकता इसलिए बैटरी के भंडारण में या उपयोग करते समय। बैटरी की चार्ज स्थिति की नियमित जांच करें।
लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाले तीन वैज्ञानिकों को रसायन-विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से 2019 सम्मानित किया गया है.
जिसमें वैज्ञानिक जॉन बी गुडइनफ़, एम स्टेनली व्हिटिंगम और अकीरा योशिनो को इन रिचार्जेबल उपकरणों को बनाने के लिए पुरस्कार मिला है। प्रो गुडइनफ़ इस पुरस्कार को जीतने वाले सबसे ज़्यादा उम्र के वैज्ञानिक हैं. जिनकी उम्र 97 साल है।
ये सभी वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार से मिलने वाली राशि को साझा करेंगे, जो 9 मिलियन स्वीडिश क्रोनर मतलब की लगभग 1.01 मिलियन डॉलर या लगभग 7.40 करोड़ रुपये है.