Kya Khayen -हम सभी खाने में विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का प्रयोग करते हैं। अकेली वस्तुएँ तो हमारे लिए गुणकारी होती हैं। पर अन्य वस्तुओं के साथ मिलकर ज़हर का काम करती हैं। जिनका प्रयोग हमें नहीं करना चाहिए , इसके बारे में प्राय हम नहीं जानते। जिसके कारण हमें कई प्रकार के कष्टदायक रोगों का सामना करना पड़ता है। जिसमें कुछ गुण, संयोग, संस्कार ,मात्रा व् काल के कारण से एक दूसरे के विपरीत्त होते हैं।

मछली के साथ Milk का सेवन करने से आप सफ़ेद (कुष्ट ) रोग से ग्रसित हो सकते हैं इसलिए मछली के साथ दूध का कदापि सेवन नहीं करना चाहिए। यह एक दूसरे के गुण विरूद्ध हैं। इसी प्रकार गुड़ के साथ मूली का सेवन नहीं करना चाहिए। गुड़ के साथ मूली संस्कार विरूद्ध होती है। कांसे के बर्तन में ज्यादा दिनों तक घी नहीं रखना चाहिए ये काल विरूद्ध है। शीतकाल में ठंडी व् शीतल वस्तुओं का सेवन या रात में सत्तू का सेवन आपस में एक दूसरे के विरोधी है ऐसे पदर्थों के प्रयोग बचना चाहिए। ऐसे कुछ परस्पर विरोधी चीज़ों की सूची नीचे दी गई है।
किन चीज़ों के साथ क्या ना खायें
| दूध के साथ | दही , नमक, इमली , खरबूजा, बेलफल ,नारियल , मूली और मूली के पत्ते , तोरई , गुड़ या गुड़ का हलवा, तिलकुट, तेल, कुल्थी , सत्तु ,खट्टे फल ,खटाई आदि |
| दही के साथ | खीर , दूध , पनीर , गर्म ,खाना या गर्म वस्तु , केला या केला शाक , खरबूजा , मूली आदि। |
| खीर के साथ | खिचड़ी , कटहल ,खटाई, सत्तू, शराब आदि। |
| शहद के साथ | मूली, अँगूर , वर्षा का जल, गर्म खाने की वस्तुएं या गर्म पानी खिचड़ी इत्यादि । |
| गर्म पानी के साथ | शहद |
| ठंडे पानी के साथ | मूंगफली, घी , तेल ,तरबूज़ , अमरूद, जामुन, खीरा , ककड़ी, गर्म दूध आदि। |
| घी के साथ | शहद (बराबर मात्रा में ) |
| खरबूजे के साथ | लहसुन, मूली के पत्ते, दूध , दही |
| तरबूज़े के साथ | पुदीना, ठंडा पानी। |
| चाय के साथ | ककड़ी, खीरा |
| चावल | सिरका |
| गुड़ | मूली |
फ़ायदे मंद (हितकारी )
अब बात करें की क्या-क्या खाने के आपसी संयोग से आप भोजन को और उत्तम व फायदेमंद बना सकते हो। जोकि निम्न प्रकार से हैं –
इन चीज़ों के साथ खाने से फायदा होता है
| ख़रबूज़े | शक्कर खानी फायदेमंद होती है। |
| आम | दूध का सेवन अति गुणकारी है। |
| केले | केले के साथ इलायची। |
| खज़ूर | दूध लाभकारी होता है। |
| इमली | गुड़ का सेवन |
| अमरूद | अमरूद के बाद सौफ़ |
| तरबूज़ | तरबूज़ के बाद गुड़ |
| मकई | मक्का के साथ लस्सी |
| चावल | चावल के साथ दही या बाद में नारियल की गिरी |
| अनाज़ या दाल | दूध, दही का सेवन। |
| बथुआ | दही या रायता |
| गाज़र | मैथी का साग |
किसी चीज़ का ज्यादा सेवन करने से भी कई प्रकार के विकार या अजीर्ण पैदा होते हैं उसे दूर करने करने के लिए निम्न सूची दी गयी है जिसके प्रयोग से हम उसके दुष्परिणाम से बच सकते हैं जो कि आपको फायदा पहुंचेगा।
Kya Khayen – जयादा खाने से हुए प्रभाव को कैसे कम करें।
| ज़्यादा खाने से हुए विकार | विकार दूर करने वाले योग्य पदार्थ |
|---|---|
| केला | दो छोटी इलाइची |
| आम | दो चार जामुन या दूध / एक ग्राम सौंठ के चूर्ण की गोली बना कर खाना। |
| जामुन | दो आम / या थोड़ा नमक भी ले सकते हैं |
| ख़रबूज़ा | चीनी का शर्बत (आधा कप ) |
| तरबूज़ा | एक दो ग्राम नमक / या एक लौंग का सेवन करें |
| सेब | गुलकंद एक चम्मच या दाल चीनी एक ग्राम |
| अमरूद | सौफ़ |
| नींबू | नमक |
| गन्ना | तीन चार बेर |
| बेर | गन्ना चूसना / एक चम्मच सिरका / गर्म पानी |
| चावल | नारियल की गिरी का टुकड़ा खाना या अजवाइन /दही या गर्म दूध |
| उड़द की दाल | गुड़ |
| मूंग,माह,या चने की दाल | सिरका |
| मटर | अदरक या सौंठ |
| अनाज़ या दाल | दूध या दही |
| बेसन | गर्म मसाला / मूली के पत्ते |
| इमली | गुड़ |
| मूली | मूली के पत्ते / तिल चबाकर खाना |
| बैंगन | सरसों का साग |
| शकरकंद / जमीकंद | गुड़ |
| मक्कई | लस्सी |
| घी | काली मिर्च या गर्म पानी |
| बदबूदार या पुराना घी | नींबू का रस |
| खीर | काली मिर्च |
| लड्डू | पीपल |
| पूरी कचौरी | गर्म पानी |
| अमरूद का कफकारी दुर्गुण | नमक काली मिर्च लगाकर खाना |
| खुरमानी | ठंडा पानी |