
Diabetes Home remedies – आज विश्व में चार में से एक व्यक्ति मधुमेह की बीमारी से पीड़ित है। और बहुत सारे लोगों को पता ही नहीं चलता की वो मधुमेह जैसी भयंकर बीमारी के शिकार हो चुके हैं।और ये बीमारी दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है और बात करें क्या इसका कोई घरलू उपाय है। बिल्कुल पुराने समय में बड़ी से बड़ी बिमारियों का इलाज घरेलू जड़ी बूटीयों के माध्यम से हो जाता था बस आप अपनी दिनचर्या और खान-पीन में बदलाव करके इस बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं।

मैथी दाना छः ग्राम लेकर थोड़ा सा कूट लें और शाम को भिगो कर रख दें। पूरी रात भीगा रहने दें। सुबह इसे अच्छी तरह से घोंट लें फिर किसी कपड़े से छान कर बिना मीठा मिलाए और सेवन कर लें। ऐसा लगभग दो महीने तक करें परिणाम आपको निराश नहीं करेंगे।
Diabetes Home remedies – इसके आलावा और भी विकल्प हैं
जामुन के पत्तों का रस
– जामुन के चार हरे व् नरम पत्ते लेकर खूब बारीक़ कर 60 ग्राम पानी में रगड़ कर छान लें। प्रातः उठकर इसका सेवन लगातार 10 दिनों तक करें। तत्पश्चात इसे हर दो महीने बाद 10 दिन लें। जामुन के पत्तों का यह रस मूत्र में शक्करा जाने की शिकायत में सबसे उत्तम है।
जामुन के पत्ते – रोग की प्रारंभिक अवस्था में जामुन के पत्ते चार -चार सुबह और शाम अच्छी तरह चबा कर खाने मात्र से ही मधुमेह में लाभ होता है।
जामुन के फल –पके हुए जामुन के फल 60 से लेकर 300 ग्राम उबलते पानी में डालकर ढक कर रख दें। आधा घंटे बाद अच्छी तरह मसलकर छान लें। इसके तीन भाग करके एक -एक मात्रा दिन में तीन बार पीने से मधुमेह के रोगी के पेशाब में शर्करा बहुत काम हो जाती है। नियम अनुसार जामुन के फलों के मौंसम में कुछ समय तक इसे सेवन करने से रोगी जल्द ही स्वस्थ हो जाता है।
जामुन की गुठलिया – जामुन के फल की गुठलियों को छाया में सुखाकर इसका चूर्ण बना लें। प्रतिदिन सुबहः और शाम 3 ग्राम, ताज़ा पानी के साथ लेते रहने से मधुमेह दूर हो जाता है और बार -बार पेशाब आने की समस्या में भी आराम आता है। इस प्रक्रिया को कम से कम 21 दिनों तक करें। मधुमेह में आराम मिलेगा।
Diabetes – मधुमेह रोगी क्या-क्या सेवन करें –
मधुमेह के रोगी को दही, फल जो मीठे न हों , हरी -सब्ज़ियाँ, चौलाई, बथुआ, धनिया, पुदीना, पत्ता गोभी, खीरा, ककड़ी, लौकी, बेलपत्र, नारियल, करेला, मूली, टमाटर, नींबू , गाज़र, प्याज़, अदरक, छाछ, भीगे बादाम आदि लेना अधिक उपयोगी है। करेला कड़वा भले ही लेकिन मधुमेह में अमृत के सामान है। करेले के सेवन से ख़ून में ग्लूकोज़ की मात्रा काफ़ी घट जाती है।
सहायक खानपान –
चने की रोटी या चने का आटा या उतना ही भाग जौ का आटा मिलाकर रोटी बना लें और चार गुना सब्ज़ी के साथ खाएं केवल चने की रोटी ही आठ दस दिन खाने से पेशाब में शर्करा आना बंद हो जाता है। जौ को भूनकर उसके आटे की रोटी बनाकर खाना भी बहुत लाभप्रद होता है। केवल दही, फल और साग सब्ज़ियाँ खाकर ही 2 -3 सप्ताह में मूत्र में से शर्करा गायब हो जाती है। यदि आप रोटी या चावल खाना चाहते हैं तो चार गुना सब्ज़ी भी खायें।
मधुमेह के रोगी क्या न करें –
मीठे फलों का सेवन बिलकुल बंद कर दें। चावल, स्टार्च , तम्बाकू आदि से परहेज़ करें ज्यादा दिमाग़ी काम और बदहज़मीं से बचें। दिन में ना सोयें पानी एक साथ कभी न पीएं घूँट -घूँट कर मुँह में ऱखकर ही पियें।
मधुमेह के रोगी के लिए व्ययाम –
मधुमेह के रोगी को नियमित लम्बे क़दमों के साथ सैर करनी चाहिए। योगासन विशेषकर अर्द्ध मत्स्यासन, मयूरासन, धनुरासन, भुजंगासन, पदमासन, गर्भासन का रोज़ाना नियमित अभ्यास करने से कुछ ही दिनों में शुगर की बीमारी में आराम मिलता है। केवल अग्निसार धौति, भस्त्रिका, उड्डयनबंध , शलभासन, मूलबंध और फेफड़ों से सम्बंधित सभी आसान लाभ मिलता है।
