ड्रोन एक तरह का मानव रहित वायुयान है। जिसको चलाने के लिए पॉयलट की आवश्यकता नहीं होती है। क्योंकि इसे रिमोट द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह पूरी तरह मानव रहित विमान होता है इसका आकार ज्यादातर छोटा होने के कारण इसमें यात्रा नहीं की जा सकती लेकिन यह बहुत उपयगी यान है।

ड्रोन का अविष्कार किसने किया
ड्रोन का आविष्कार का श्रेय निकोला टेस्ला को दिया जाता है जिन्होंने 1915 में मानव रहित विमान बनाया। इसे ही आज का आधुनिक ड्रोन का आधार माना जाता है इससे पहले भी ड्रोन बनाने के दावे किये जाते रहे जिसे 1849 में आस्ट्रिया बनाया गया लेकिन जिसका आधार एक गुब्बारे के रूप में था। इसका उपयोग केवल हवा के रुख पर निर्भर था। इसका इस्तेमाल केवल बम फेंकने के लिए किया गया। इसी तकनीक ने इसकी खोज की उपयोगिता को बढ़ा दिया।
ड्रोन कितने तरह का होते हैं | Types of Drone in Hindi
आजकल बहुत सारी कंपनियां बड़ी मात्रा में ड्रोन के निर्माण में लगी हुई हैं। जिसमें कई तरह के मॉडल हमें देखने को मिलते हैं जिनको फीचर, साइज़, एप्लीकेशन व कैमरा क्वालिटी के आधार पर अलग किया जा सकता है लेकिन कैटेगेरी को आधार माना जाये तो ड्रोन दो भागों में बांटा गया है पहला वह ड्रोन है जिसे डिफेंस के क्षेत्र में प्रयोग किया जाता है । यह उच्च क्वालिटी के ड्रोन होते हैं इनका आकार आवश्यकता के हिसाब से बनाया जाता है। जिससे दुश्मन की निगरानी दुर्गम इलाके जैसे पहाड़, खाई, समुंद्र या बॉर्डर में की जाती है एयरफोर्स, थल सेना, नेवी, बीएसएफ समेत कई अन्य डिफेंस क्षेत्र की सेनाएं इसका उपयोग करती हैं।
दूसरी ओर वो ड्रोन है जिनका प्रयोग विडिओग्राफी व् सामान की डिलीवरी, खिलौना या मनोरंजन के तौर पर किया जाता है। इनका साइज़ छोटा होता है और ये यह बाज़ार में आसानी से मिल जाते हैं।
ड्रोन का क्या काम है | Importance of Drone in Hindi !!
ड्रोन का सबसे ज्यादा प्रयोग दुर्लभ इलाकों की निगरानी और विडिओग्राफी (वीडियो शूटिंग) के लिए किया जाता है लेकिन आजकल ड्रोन का इस्तेमाल सामान की डिलीवरी भी होने लगा है जिसे मोबाइल एप्लीकेशन व् रिमोट की मदद से आसानी से ऑपरेट किया जाता है। ऊँचे स्थान खाई , समुंद्री इलाका या घने जंगलों में वीडियो शूट और निगरानी करने में पहले काफी खर्च आता था। लेकिन आज ये सब ड्रोन की मदद से बिलकुल आसान हो गया है।
ड्रोन कितने का आता है
भारत में बहुत सारी कंपनियां ड्रोन बेच रहीं हैं। इनकी कीमतें फीचर और साइज के हिसाब से अलग—अलग हैं। इसी कारण इन ड्रोन्स के रेट भी अलग अलग हैं। अगर सबसे कम रेट पर ड्रोन लेना हो तो यह आपको 1000 रूपए में भी मिल जाता है। लेकिन आप अच्छा ड्रोन खरीदना चाहते हो तो जायज है की आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। एक एवरेज क्वालिटी का ड्रोन आपको 5 से 6 हजार तक मिल जाता है यदि आपको एक शानदार क्वालिटी का ड्रोन चाहिए तो आपको 12 से 18 हजार रूपए खर्च करने होंगे। यदि आप प्रोफेशनल ड्रोन खरीदना चाहते हो जिससे आप फिल्म शूटिंग कर सकें तो आपको 50 हजार से 2 लाख रूपए तक के ड्रोन भी बाजार में मिल जाएंगे जो आपको काफी हाईप्रोफाइल और प्रोफेशनल फीचर के साथ मिलते हैं।
ड्रोन उड़ाने के नियम
केंद्र सरकार और विमानन मंत्रालय ने विस्तृत नियम 2021 जारी किए हैं. सरकार का दावा है कि नए नियमों को मार्च में जारी नियमों से काफी आसान बनाया गया है। मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, नए नियमों को ”उदारीकृत ड्रोन नियम, 2021” का नाम दिया गया है.
सरकार को उम्मीद है कि इस नियम से 2030 तक भारत के ”वैश्विक ड्रोन हब” बनने में मदद मिलेगी।
पुराने नियम पांच महीने में ही रद्द
इससे पहले, मार्च 2021 में नए नियम बनाये गये थे। इन नियमों को ”मानवरहित विमान प्रणाली (यूएएस) नियम, 2021” कहा गया था। जिसे काफी कठोर और ‘प्रतिबंधात्मक’ माना जा रहा था। लेकिन लोगों की नकारात्मक राय के बाद, महज पांच महीने में ही उन नियमों को रद्द करने का फ़ैसला किया।
सरकार का मानना है कि नए नियमों से अर्थव्यवस्था के क़रीब सभी क्षेत्र जैसे की रक्षा, निगरानी, कृषि, खनन, बुनियादी ढांचे, परिवहन,पुलिस कार्य, आपातकालीन सेवा, मैपिंग आदि को अत्यंत लाभ मिलेगा।
नए ड्रोन नियमों की प्रमुख विशेषताएं
- MICRO ड्रोन (गैर-व्यावसायिक उपयोग वाले) और NANO ड्रोन के लिए रिमोट पायलट LICENSE की आवश्यकता नहीं होगी।
- ड्रोन के IMPORT के लिए अब डीजीसीए की मंजूरी नहीं लेनी होगी। इसकी बजाय इसका आयात विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी DGFT के जरिए नियंत्रित किया जायेगा।
- नए नियम के तहत अब GREEN ZONE में ड्रोन उड़ाने के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं होगी।
- फॉर्म की संख्या 25 से घटाकर केवल 5 कर दी गई है।
- ड्रोन पर लगने वाले शुल्क को 72 की बजाय 4 कर दिया गया है।
- अब YELLOW ZONE का दायरा एयरपोर्ट की 45 किलोमीटर की परिधि की बजाय केवल 12 किलोमीटर तक होगा।
- ड्रोन का वजन सीमा को 3 क्विंटल से बढ़ाकर 5 क्विंटल कर दिया गया है।